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वर्जिन होने के लिए महिलाओं में बढ़ा ‘Hymenoplasty’ सर्जरी का ट्रेंड

2018-01-18 |

न्यूज़ डेस्क- भारत में लड़कियों का वर्जिन होना एक बड़ा सामाजिक मुद्दा है। हालांकि इस मामले में लोग खुले तौर पर बात करने से बचते हैं। लेकिन यह ऐसा सवाल है जो हर किसी के जेहन में बेहद करीने से घूमता है। हमारे देश में लड़कियों की वर्जिनिटी का दंश इस कदर व्याप्त है कि वो आने वाले दशकों तक हमारा पीछा छोड़ते हुए तो बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता। हमारे देश में किसी भी अविवाहित लड़की का वर्जिन न होना सीधे उसके चरित्र से जोड़ दिया जाता है। वर्जिनिटी के इस सामाजिक हो चले सवाल से बचने के लिए अब एक और चलन देश में तेजी से बढ़ रहा है और वह है ‘वर्जिनिटी सर्जरी’ का। अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर अनूप धीर का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में हाइमेनोप्लास्टी का ट्रेंड भारत में काफी तेजी से बढ़ा है। हाइमेनोप्लास्टी यानी वो सर्जरी जिसकी मदद से हाइमेन को रिपेयर किया जाता है यानी कि वर्जिनिटी को वापस का कृत्रिम रास्ता। इस सर्जरी में वर्जिनिटी खोने के दौरान फट चुकी हाइमेन को वापस से पहले जैसा बनाया जाता है। डीएनए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लोक नायक हॉस्पिटल में साल 2017 के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने दो से तीन ऐसे केस आए हैं।

लोक नायक हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के हेड डॉक्टर पी.एस. भंडारी कहते हैं कि हॉस्पिटल में इसे करवाने के लिए डेढ़ से दो महीने का वेटिंग टाइम दिया जाता है। सर्जरी का प्रोसेस महज आधे घंटे का होता है। डॉक्टर भंडारी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में हाइमेनोप्लास्टी सर्जरी करवाने वाली लड़कियों की संख्या अप्रत्याशित तौर से बढ़ी है। प्राइवेट हॉस्पिटल में इस सर्जरी के लिए 45 से 50 हजार रुपये का खर्च आता है और सरकारी अस्पताल में इसका खर्च बेहद कम है। यही कारण है कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह के इलाज को बढ़ावा दिया जा रहा है। हर बार यह सर्जरी कारगर हो ऐसा भी नहीं है। सर्जरी करवाने वाली महिलाओं ने इसके नकारात्मक परिणाम भी बताए हैं।

विशेषज्ञों की मानें तो इस सर्जरी से सेक्स लाइफ पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही इससे प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन आदि का खतरा भी बढ़ सकता है।दरअसल इस ऑपरेशन में योनी से ही एक पतला झिल्ली जैसा टुकड़ा निकाल कर हाइमेन बनाया जाता है। फिलहाल तो इस सर्जरी को कराने वालों का ग्राफ तेजी से आगे बढ़ रहा है। क्योंकि भले ही हम 21वीं सदी में कदम रख चुके हो।


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